रविवार, 1 मई 2016

कविता -जन्मदिन हो रोशन

जन्मदिन हो रोशन -
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बार बार यह दिन आये
घर आंगन हो रोशन
कांटो पर चलते देख
आसमान भी रोया था
बहा अपने आंसू
चरण तुम्हारे धोया था
हवा ने कहा फूलों से
रंग भर दो जीवन मे
कांटो को दूर ही रखना
चिड़ियों ने छेड़ी मिठी तान
तारों ने  भी दी थपकी
कर लो आराम रोशन
बड़ी दूर तुम्हें जाना है ।
कभी छू लेना हमें भी आकर
इंतजार रहेगा तुम्हारा ।
प्रगति के पथ पर
निरंतर बढ़ते रहना ।
रहेगा इंतजार तुम्हारा
जब कर दोगे तुम दुनियां को रोशन ।
रोशन , कर दोगे रोशन ।
सुधा वर्मा  रायपुर
7-11-2015

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